तीन दिवसीय कुमांऊनी भाषा का सम्मेलन 7 नवंबर से, चंदोला होम्योपैथिक के एमडी डॉ केसी चंदोला को कार्यक्रम सफल बनाने के लिए दी मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी

नैनीताल। रुद्रपुर शहर में पहली बार तीन दिवसीय कुमांऊनी भाषा का सम्मेलन 7 नवंबर से 9 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई और विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई। कार्यक्रम में मीडिया व्यवस्था को सुधारने के लिए चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉक्टर केसी चंदोला को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुमांऊनी भाषा उत्तराखंड की संस्कृति पहचान है जो आज धीरे-धीरे पलायन और आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त हो रही है । उन्होंने कहा कि यदि भाषा के संरक्षण और प्रचार प्रसार पर अब ध्यान नहीं दिया गया तो यह भी अन्य कई क्षेत्रीय भाषाओं की तरह विलुप्त की कगार पर पहुंच सकती है। कहा कि कुमांऊनी भाषा का इतिहास अत्यंत समृद्ध गौरवशाली रहा है। इस भाषा के संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। सम्मेलन में इस दिशा में ठोस रणनीति और कार्य योजना पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन के दौरान कुमांऊनी लोक संस्कृति, लोक गीत, नृत्य और पारंपरिक कला पर आधारित विशेष संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। बैठक में डा किशोर चंदोला, दयाल पांडे, हेमंत पंत, आनंद सिंह धामी, रमेश चंद्र जोशी, लक्ष्मी चंद्र पंत, डॉ ललित मोहन उप्रेती, डॉ बीएस बिष्ट, बीडी भट्ट, नारायण सिंह खोलिया, महेश चंद्र पंत, योगेंद्र दत्त बिष्ट और शंभू पांडे शैलेय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






