पक्षी एवं गिद्ध संरक्षण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ आयोजित , विलुप्ति की कगार पर पहुंच रहे गिद्ध एवं वल्चर प्रजातियों के संरक्षण, पहचान एवं उनके संरक्षण हेतु वन विभाग के कार्मिकों को किया गया प्रशिक्षित

नैनीताल। ज्योलीकोट में आज सोमवार को वन वर्धनिक उत्तराखंड के वन अनुसंधान केंद्र गांजा में पक्षी एवं गिद्ध संरक्षण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य विलुप्ति की कगार पर पहुंच रहे गिद्ध एवं वल्चर प्रजातियों के संरक्षण, पहचान एवं उनके संरक्षण हेतु आवश्यक उपायों के प्रति वन विभाग के कार्मिकों को प्रशिक्षित करना था।

विषय विशेषज्ञ विश्व प्रकृति निधि,(W W F) के परियोजना अधिकारी सनी जोशी ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया उन्होने गिद्ध एव वल्चर प्रजातियों की पहचान,पारिस्थितिकी व्यवहार, संरक्षण में आने वाली चुनौतियों तथा कार्य क्षेत्र में विभिन्न स्तर पर अपनाये जाने वाले व्यवहारिक संरक्षण उपायों के संबंध में महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी दी और बताया कि गिद्ध एवं अन्य शिकारी पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा इनके संरक्षण हेतु वैज्ञानिक दृष्टिकोण नियमित निगरानी एवं विभागीय समन्वय अत्यन्त आवश्यक है। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यन्त उपयोगी एवं ज्ञान वर्धक बताया डी एफ ओ वन वर्धनिक विवेक तिवारी ने कहा कि पारिस्थितिकी संतुलन के लिए प्रकृति की प्रत्येक वस्तु का संवर्धन और संरक्षण आवश्यक है प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न अनुसंधान रेंजों के रेंज अधिकारी, वन दारोगा, वन आरक्षी, अनुसंधान सहायक सहित अन्य वन विभागीय कर्मचारियों ने सहभागिता की। केंद्र के रेंज अधिकारी मनोज मेलकानी ने सभी का आभार व्यक्त किया






