नैनीताल में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, जलायी शासनादेश की प्रति,


नैनीताल। नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के प्रदेश संयोजक गिरीश चंद्र जोशी के नेतृत्व में कर्मचारी संगठन ने सोमवार को नैनीताल मेें प्रदर्शन कर शासनादेश की होली जलायी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश भर में लोक निर्माण विभाग एवं सिचाई विभाग में कार्यरत नियमित वर्कचार्ज कर्मी तथा सेवानिवृत कर्मी शासन की ओर से जारी नई पेंशन नियमावली में पेंशन की परिधि से बाहर हो गए हैं। ऐसे में पेंशन ले रहे कई कार्मिकों की पेंशन बंद होेने वाली है तथा वर्तमान में कार्यरत कई अन्य भी पेंशन परिधि से बाहर हो गए हैं। शासन की नई पेंशन स्कीम से हजारों नियमित वर्कचार्ज के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर संकट आ गया है। इससे प्रदेश भर के कर्मचारियों में रोष है।
नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के प्रदेश संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि शासन की ओर से 16 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश में एक अक्तूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कार्मिकों की दस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही पेंशन की परिधि में रखा गया है। इसमें उनकी वर्कचार्ज सेवा अवधि को नहीं जोड़ा जाएगा। हालांकि नियिमत की सेवा के नौ वर्ष होने पर वर्कचार्ज के कुछ माह को जोड़ने को शासनादेश में शामिल किया गया है। प्रदेश संयोजक का कहना है कि नियमितीकरण के 20 वर्ष की सेवा पर पूरी पेंशन समेत अन्य भत्ते दिए जाते हैं, जबकि 10 वर्ष की सेवा पर यह पेंशन लगभग आधी हो जाती है। लेकिन इस शासनादेश से दस वर्ष से कम वाले कार्मिक पेंशन परिधि से बाहर हो जाएंगे। जबकि पूरे सेवाकाल में कर्मचारी दैनिक कर्मी, वर्कचार्ज कर्मी आदि की सेवा के बाद फिर नियमितीकरण के दायरे में आता है। ऐसे में नया शासनादेश कार्मिकों के खिलाफ है। सोमवार को नगर समेत जिले के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बाद में अग्रिम आंदोलन की रणनीति तय कर वृहद रुप से आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में हरीश सिंह, गोधन सिंह, कुंदन सिंह अनेरिया, हेमा देवी, किशन सिंह, पूरन सिंह अनेरिया, विद्या सागर, तारी देवी, गोपाल सिंह, कमला देवी, देवकी देवी, कैलाश चंद्र खोलिया, आनन्द सिंह, प्रकाश चंद्र, गणेश चंद्र, टीका सिंह, राजन राम, कृपाल सिंह, ठाकुर सिंह, सुरेश बहादुर, देवराम, राम लाल आदि शामिल रहे।








