1 February 2026

शिल्पकार सभा ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

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नैनीताल। शिल्पकार सभा नैनीताल ने जिलाधिकारी के माध्यम से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन) विनियम, 2026 को पारित किए जाने हेतु भारत सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किए जाने तथा उक्त विनियम को सख्ती से लागू करने, सवर्ण समाज द्वारा किए जा रहे विरोध के कारण इसे वापस न लिए जाने एवं उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ते जातिगत भेदभाव के संदर्भ में महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
जिसमे सामाजिक संगठन शिल्पकार सभा, नैनीताल ने महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार एवम प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है की शिल्पकार सभा नैनीताल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से अधिसूचित “उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन विनियम, 2026” का स्वागत करता है तथा इसे पारित किए जाने हेतु भारत सरकार एवं संबंधित मंत्रालय के प्रति हार्दिक धन्यवाद एवं कृतज्ञता प्रकट करता है। यह विनियम सामाजिक न्याय, समानता एवं समावेशी शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक, साहसिक एवं दूरदर्शी कदम है।
उक्त विनियम उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांग एवं अन्य वंचित एवं उपेक्षित वर्गों को समान अवसर, गरिमा एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत आवश्यक है तथा यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 एवं 46 में निहित सामाजिक न्याय की भावना को सुदृढ़ करता है।
यह उल्लेख करना अत्यंत आवश्यक है सभा के अध्यक्ष डॉ रमेश चन्द्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अपने अभिलेख/हलफनामे में यह स्वीकार किया है कि विगत पाँच वर्षों के दौरान देश के विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव की घटनाओं में 118.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह तथ्य स्वयं यह सिद्ध करता है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समता एवं समानता सुनिश्चित करने हेतु “उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन विनियम, 2026” जैसे सख्त और प्रभावी कानून की नितांत आवश्यकता है।
दुर्भाग्यवश, कुछ सवर्ण समाज के संगठनों/तत्वों द्वारा इस पूर्णतः संवैधानिक एवं सामाजिक न्याय पर आधारित विनियम का विरोध किया जा रहा है तथा इसे वापस लेने हेतु दबाव बनाया जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि बढ़ते जातिगत भेदभाव के आंकड़े इस विनियम की प्रासंगिकता और आवश्यकता को और अधिक पुष्ट करते हैं। ऐसे में इसे वापस लेना वंचित वर्गों के साथ गंभीर अन्याय होगा।
अतः सामाजिक संगठन शिल्पकार सभा, नैनीताल महामहिम व माननीय प्रधानमंत्री से विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित आग्रह करता है—
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन) विनियम, 2026 को संपूर्ण देश में सख्ती एवं प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
किसी भी सामाजिक, वर्गीय अथवा राजनीतिक दबाव में आकर इस विनियम को वापस न लिया जाए।
उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने हेतु सशक्त निगरानी, शिकायत निवारण एवं दंडात्मक तंत्र को प्रभावी बनाया जाए।
सामाजिक न्याय, समता एवं गरिमापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस विनियम को एक आदर्श राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।
हमें पूर्ण विश्वास है कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया संविधान के संरक्षक के रूप में भारत सरकार द्वारा किए गए इस ऐतिहासिक निर्णय की रक्षा करते हुए सामाजिक न्याय, समानता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करेंगे आज ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी /प्रभारी अधिकारी को सौंपा गया।ज्ञापन देने वालों में सभा के अध्यक्ष डॉ रमेश चन्द्रा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, मंत्री अनिल गोरखा,लेखा परीक्षक संजय कुमार, विधि सलाहकार एड मनोज कुमार ,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष संजय कुमार संजू , पी आर आर्य ,एड शशांक कुमार एड अनिल कुमार ,लीला आर्य, वीरेंद्र कुमार,आदि लोग उपस्थित रहे

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