देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक सांस्कृतिक परंपराओं,भाषा बोली अस्मिता को बचाने,सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए मातृशक्ति को आना होगा आगे।

नैनीताल। ज्योलीकोट नैनीताल देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक सांस्कृतिक परंपराओं,भाषा बोली अस्मिता को बचाने,सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए मातृशक्ति को आगे आना होगा। रामलीला मैदान में आयोजित हिंदू सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में डेमोग्राफिक चेंज की कोशिशें भविष्य के लिए खतरनाक है,और इसको रोकने के लिए सरकार के साथ जनता को ज्यादा जागरूक होना पड़ेगा। नई पीढ़ी को संस्कार युक्त बनाने और सोशियल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने का आह्वान किया। इससे पूर्व दीप प्रज्वलन, अतिथियों का स्वागत, और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
मुख्य वक्ता पायलट बाबा आश्रम के महंत करन गिरी, आर एस एस के उत्तम नयाल,ज्योतिषाचार्य नमिता सुयाल थे। संघ के सौ वर्ष की संघर्ष यात्रा,उद्देश्य,राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीयता पर विस्तृत विचार के साथ देश को विश्वगुरु और सशक्त सनातन, भेदभाव रहित एकजुट समाज बनाने का संकल्प लिया।
किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र नेगी,डॉ. नरेंद्र, डॉ.माधव त्रिपाठी,शेखर भट्ट,बीना जीना,रजनी रावत ,रामदत्त चनियाल,पुष्कर जोशी, कैलाश जोशी, डॉ. ललित जोशी, रामदत्त चनियाल, सहित दो सौ से ज्यादा लोग उपस्थित थे। डॉ. ललित जोशी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन खंड कार्यवाहक दीवान सिंह ने किया।









