अधिवक्ता का पेशा चुनौतीपूर्ण, जनहित सर्वोपरि:- जिलाधिकारी जिला बार एसोसिएशन नैनीताल ने अभिनंदन समारोह में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल समेत न्यायिक अधिकारियों का किया सम्मान

नैनीताल। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल द्वारा आयोजित गरिमामय अभिनंदन समारोह में मंगलवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल सहित न्यायिक अधिकारियों का सम्मान किया गया कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवत प्रसाद एवं सचिव दीपक रूवाली ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा न्यायिक कार्यों एवं विशेष रूप से राजस्व न्यायालयों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं जो अधिवक्ताओं और आम जनता के हित में हैं उन्होंने जारी लिखित आदेशों के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे लंबित मामलों के निस्तारण में गति आएगी और न्याय व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी बार सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रयाल ने कहा कि नैनीताल बार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और यहां के अधिवक्ता सदैव न्याय के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे हैं उन्होंने कहा कि अधिवक्ता का पेशा अत्यंत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उन्हें अन्याय के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठानी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि नैनीताल जैसे महत्वपूर्ण जनपद में कार्य करना अधिकारियों के लिए उपलब्धि के समान है तथा अधिवक्ताओं और प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य जनहित में कार्य करना है जिलाधिकारी ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा राजस्व न्यायालयों से संबंधित जो समस्याएं उनके समक्ष रखी गई थीं उनके समाधान हेतु लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं जिनका पालन सभी संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करेंगे उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद में राजस्व न्यायालयों में 7,500 से अधिक प्रकरण लंबित हैं, जिन्हें आगामी तीन माह में घटाकर लगभग 2,000 तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं की सभी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी उपजिलाधिकारी नवाजिश खालिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता ओंकार गोस्वामी, राजेश चंदोला, प्रीति साह, मंजू कोटलिया, बी.के. सांगूड़ी, संजय कुमार संजू, राजीव साह, राजेंद्र कुमार पाठक, पंकज बिष्ट, प्रमोद बहुगुणा, अनिल बिष्ट, संजय त्रिपाठी, संजय सुयाल, नवीन पंत, राजेंद्र भैसोड़ा, पंकज कुमार, कमल चिलवाल, सुभाष जोशी, जयंत नैनवाल, दीपक पांडेय, पूरन बिष्ट, सोहन तिवारी, संजय बिष्ट, हरीश चंद्र आर्य, तरुण चंद्रा, निर्मल कुमार, प्रदीप प्रसाद, नरेंद्र बर्गली, रवि कुमार, यशपाल आर्य, गौरव भट्ट, मुकेश कुमार, चंद्रकांत बहुगुणा, मोहम्मद खुर्शीद, शिवांशु जोशी, तारा आर्या, कामिनी गंगवार, मुन्नी आर्या, सरिता बिष्ट, जया आर्या, भावना जंतवाल, सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।









