बाघ के हमले से महिला की मौत पर पूर्व विधायक डॉ नारायण सिंह जंतवाल ने जताया दु:ख और आक्रोश

नैनीताल। पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि सूर्याजाला गाँव से अत्यंत दुखद ख़बर सुनने को मिली है कि
हँसा देवी को बाघ के हमले से मृत्यु हो गई! इस कठिन समय में परमात्मा परिवार के मुखिया लाल सिंह व परिजनों को सम्बल प्रदान करें!
मृतात्मा को शांति प्रदान करें ।

कहा कि जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएँ कुछ समय से बहुत बढ़ गई! सूर्याजाला के पड़ोस में हमारे गाँव लमजाला में भी कुछ वर्ष पूर्व ऐसी ही दुखद घटना हुई थी।
भीमताल के आस पास जूनस्टेट जंगलियंगाँव सहित अन्य गाँवों में भी ऐसी दुखद घटनाएँ घटित हुई हैं!
गाँवों का वनों के साथ चोली दामन का साथ है
पहले कभी-कभी गाँवों में जंगली जानवरों द्वारा पशुओं को मारे जाने की ख़बरें आती थी।
पूर्व विधायक जंतवाल ने कहा कि तात्कालिक परिस्थितियों के अनुसार वन्य जीवों के संरक्षण हेतु क़ानून बने,परन्तु वर्तमान घटनाक्रम के चलते इनकी गहन समीक्षा भी अवश्य होनी चाहिए!
किसी की मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त करना,मुआवजा देना ठीक है।
परन्तु जिस स्तर की संवेदनशीलता व संकल्प हमारे तंत्र को दिखाना चाहिए वह नज़र नहीं आ रहा है!
किसी भी व्यवस्था/सरकार का प्राथमिक दायित्व जीवन की रक्षा करना है!
जिस परिवार के सक्रिय सदस्य की इस तरह से मौत हो जाती है,तो पूरा परिवार ही अस्तव्यस्त हो जाता है।
जंगली जानवरों के हमलों से कालकल्वित होने वाले लोग ग्रामीण व साधारण परिवारों के हैं।
वक्त का तक़ाज़ा है कि सरकार इस दिशा में प्रभावी पहल करे। यदि जंगली जानवरों की बढ़ती संख्या ग्रामीण जनजीवन के लिए खतरा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि इसको कैसे नियंत्रित किया जाएगा।
सम्बन्धित विभाग,अधिकारी व इस विषय के विशेषज्ञों व ग्रामीण जनों के बीच कोई सार्थक बातचीत का तंत्र विकसित कर आवश्यकतानुसार केन्द्रीय सरकार को भी इसमें सम्मिलित कर समस्या के समाधान हेतु सार्थक क़दम उठायें जाये।
सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ।









