6 April 2025

नैनीताल में दो दिवसीय“मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम 28 व 29 मार्च को

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नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल द्वारा “मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (MMTTP)” के अंतर्गत “उत्तरी क्षेत्र के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों (MMTTCs) के निदेशकों हेतु क्षेत्रीय कार्यशाला” का आयोजन 28 मार्च से 29 मार्च, 2025 तक किया जा रहा है। यह कार्यशाला देवदार हॉल, द हर्मिटेज, यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल में आयोजित होगी। कार्यशाला का उद्घाटन 28 मार्च 2025 को प्रातः 9:30 बजे किया जाएगा, जिसमें शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिष्ठित विद्वान, नीति निर्माता एवं शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों के निदेशक शामिल होंगे।

कार्यशाला की गरिमा बढ़ाने हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के सचिव, अप सचिव एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, उत्तर भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 30 से अधिक यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों (MMTTCs) के निदेशक भी इस कार्यशाला में भाग लेंगे।
इस कार्यशाला का उद्देश्य उच्च शिक्षा में शिक्षकों की क्षमता निर्माण, नेतृत्व विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना है। कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की प्रगति एवं प्रभावी कार्यान्वयन, उच्च शिक्षण संस्थानों में उद्यमिता विकास, फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम (FIP), शॉर्ट टर्म प्रोग्राम (STP) एवं रिफ्रेशर कोर्स (RC) के माध्यम से युवा शिक्षकों को प्रेरित करने और कौशलवर्धन करने की सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा, विशेष शिक्षण अक्षमता वाले विद्यार्थियों के समावेश, सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य, लचीलापन और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण, तथा NFLP/ALP के तहत भविष्य के नेतृत्व विकास के सर्वोत्तम तरीकों पर भी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यशाला में शिक्षण संस्थानों एवं शिक्षकों की नेतृत्व क्षमता निर्माण पर भी विशेष रूप से चर्चा की जाएगी, ताकि भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा इस विषय पर अपने विचार साझा किए जाएंगे और शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराया जाएगा।
इस कार्यशाला के माध्यम से उत्तर भारत के शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों के बीच सहयोग एवं समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह मंच शिक्षकों, प्रशासकों एवं नीति निर्माताओं को एक साथ लाकर भारतीय शिक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार एवं नवाचार को गति देने का कार्य करेगा।

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