भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की प्रांतीय बैठक नैनीताल में हुई, बैठक में विभिन्न मुद्दों पर हुआ गहन मंथन, शीलू कुमार ने रखे अपने विचार,

नैनीताल । भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की प्रांतीय बैठक रविवार को नैनीताल क्लब में संपन्न हुई। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संगठन के विस्तार पर चर्चा की गई। बैठक में आगामी 6 सितंबर 2026 को भवाली में भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज उत्तराखंड का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा कि प्रस्तावित सम्मेलन में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से वाल्मीकि समाज के संगठन एक मंच पर एकत्रित होंगे, जहां समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। प्रांतीय अध्यक्ष पंकज अद्वैती ने कहा कि भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की शाखाएं पूरे उत्तराखंड में सक्रिय हैं और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
सभी ने एकजुट होकर आगामी राज्यस्तरीय सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प लिया
तथा सम्मेलन के मुख्य एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में वाल्मीकि समाज को पूरे उत्तराखंड में भूमिधरी का अधिकार प्रदान करने, रामनगर स्थित सीताबनी आश्रम को वाल्मीकि तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ावा देने तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आरक्षण के वर्गीकरण के तहत वाल्मीकि समाज के लिए निश्चित आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। इसके अतिरिक्त नगर निकाय कर्मचारियों के नियमितीकरण, “समान कार्य के लिए समान वेतन” लागू करने तथा उत्तराखंड की आरक्षित विधानसभा सीटों में से कुछ सीटों पर वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों को चुनाव लड़ने का अवसर प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। बैठक में रामनगर, नैनीताल, हल्द्वानी, भवाली, पंतनगर, किच्छा, लालकुआं, रुद्रपुर, अल्मोड़ा, हरिद्वार और रुड़की से आए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसके अलावा बैठक में मुख्य अतिथि कर्मवीर लल्ला बाबू द्रविड़, प्रांतीय अध्यक्ष पंकज अद्वैती, रवि द्रविड़, इंद्रपाल वाल्मीकि (रामनगर), शीलू कुमार, राजेश छाछर (हरिद्वार), शुभम कुमार, राकेश पवार, मुनिराज सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













