11 September 2026

ज्योलीकोट में शुक्रवार को भी टैंकरों से शुद्ध पेयजल आपूर्ति जारी, डीएम ने दिये कड़े निर्देश

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नैनीताल। जनपद नैनीताल के ज्योलीकोट एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में दूषित पेयजल से उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा आज शुक्रवार को भी क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति का कार्य निरन्तर जारी रखा गया।
अधीक्षण अभियन्ता, उत्तराखण्ड जल संस्थान, हल्द्वानी एवं अधीक्षण अभियन्ता, पेयजल निगम के द्वारा जनप्रतिनिधियों व विभागीय टीम के साथ संयुक्त रूप से क्षेत्र के विभिन्न पेयजल टैंकों, स्रोतों एवं पाईप लाईनों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टैंकों की सफाई, क्लोरीनेशन, फ्लैशिंग एवं मरम्मत के कार्य युद्धस्तर पर कराये जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पेयजल विभाग को कड़े निर्देश दिये हैं कि ज्योलीकोट क्षेत्र में पेयजल की शुद्धता एवं नियमित आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति पूर्णतः सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्रतिदिन टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाये।
समस्त पेयजल स्रोतों, टैंकों एवं वितरण लाईनों का नियमित रूप से क्लोरीनेशन एवं सैम्पलिंग करायी जाये तथा रिपोर्ट प्रतिदिन जिला प्रशासन को उपलब्ध करायी जाये।
जहाँ-जहाँ पाईप लाईन लीकेज या क्रॉस-कनेक्शन की शिकायत है, वहाँ तत्काल मरम्मत करायी जाये। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर घर-घर सर्वे एवं जल जनित रोगों की निगरानी जारी रखी जाये साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से निरन्तर संवाद बनाकर पेयजल से सम्बन्धित प्रत्येक शिकायत का त्वरित निस्तारण किया जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
उल्लेखनीय है कि विगत दो दिनों में जल संस्थान द्वारा 04 टैंकरों से 110 परिवारों में 15,500 लीटर से अधिक शुद्ध पेयजल आपूर्ति, देवलदुंगा लाईन की 500 मीटर फ्लैशिंग, 14 शिकायतों का निस्तारण तथा 08 पेयजल नमूनों का संग्रहण किया जा चुका है। क्षेत्र में माध्यम से दूषित जल से बचाव हेतु जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

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