30 September 2026

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से संवरा पर्यटन कारोबार, नथुआखान में ‘कुमाऊं रोडीज’ बना आत्मनिर्भरता की मिसाल,सरकारी योजना का मिला संबल, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर शुरू किया एडवेंचर कैंप; खर्च निकालकर हर माह 60 से 70 हजार रुपये की आय

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नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाएं लोगों के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही हैं। नैनीताल जिले के नथुआखान, मुक्तेश्वर क्षेत्र में संचालित कुमाऊं रोडीज एडवेंचर कैंप एंड रिजॉर्ट इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल है।
कुमाऊं रोडीज एडवेंचर कैंप एंड रिजॉर्ट के संचालक मनोज बिष्ट ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर अपने पर्यटन व्यवसाय को आगे बढ़ाया। योजना के माध्यम से उन्हें उत्तराखंड ग्रामीण बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने नथुआखान में कैंपिंग और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े अपने व्यवसाय को विकसित किया।
आज यह कैंप पर्यटकों के लिए प्रकृति की शांति, हिमालयी दृश्यों और एडवेंचर गतिविधियों का आकर्षक केंद्र बन रहा है। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए कमरे और टेंट की सुविधा के साथ रॉक क्लाइम्बिंग, जिप लाइन, तीरंदाजी, ट्रेकिंग, जंगल साइटसीइंग, स्टार गैजिंग, बोनफायर और अन्य मनोरंजक गतिविधियां उपलब्ध हैं। स्थानीय फलदार बागानों और पहाड़ों के प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह कैंप पर्यटकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव भी कराता है।

मनोज बिष्ट बताते हैं कि सरकार की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला। व्यवसाय से सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें वर्तमान में हर माह लगभग 60 से 70 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
मनोज बिष्ट ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उन्हें अपने सपने को व्यवसाय का रूप देने में सहयोग दिया। उन्होंने युवाओं से भी सरकारी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाकर अपने क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशने की अपील की।
सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर स्थानीय संसाधनों और पर्यटन की संभावनाओं को व्यवसाय में बदलने की यह कहानी उत्तराखंड के युवाओं के लिए स्वरोजगार की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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