30 September 2026

आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनियस वूमेंस कलेक्टिव द्वारापर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के प्रति जागरूक करने की पहल की शुरु,

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नैनीताल । पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनियस वूमेंस कलेक्टिव द्वारा एक विशेष जागरूकता पहल शुरू की जा रही है। इसके अंतर्गत नैनीताल के विभिन्न विद्यालयों में पर्यावरण-अनुकूल कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिसमें इको ब्रिक्स को बनाना सिखाया जाएगा,प्लास्टिक कचरे का निस्तारण और रचनात्मक प्रयोग भी बताया जाएगा।
इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें यह समझाना है कि प्रकृति की सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। कार्यशाला के माध्यम से स्वच्छता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण के अनुकूल आदतों को अपनाने के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाएगा।
इस अभियान की शुरुआत 30 सितम्बर 2026 को भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल से होगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर एवं ऐशडेल स्कूल, 8 अक्टूबर को सरस्वती शिशु मंदिर एवं निशांत स्कूल , जी.जी.आई.सी और जी.आई.सी में कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी।
कार्यशाला का संचालन शिप्रा कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद श्री जगदीश नेगी जी को इको ब्रिक्स निर्माण, पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास को उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यशाला का आयोजन रेशमा टंडन, सुनीता वर्मा, कविता गंगोला, प्रेमलता गोसाईं, संगीता साह, सिम्मी अरोरा, मंजू नेगी, सोनी अरोरा, कामना कंबोज, बीना शर्मा,कविता जोशी,शिखा साह, रीना सामंत, उमा कांडपाल, कविता सनवाल, किरण टंडन, ज्योति मेहरा, मंजू बिष्ट,संध्या तिवारी, पूजा शाही, वंदना मेहरा,मधु बिष्ट, जीवंती गोस्वामी, निहारिका गोसाईं, वैशाली बिष्ट, विमला कफलतिया, ममता गंगोला,श्वेता अरोरा, पूजा मल्होत्रा, रमा तिवारी, सोमा साह, नेहा डालाकोटी द्वारा किया गया।
समूह सदस्याओं द्वारा ताल चैनेल की अध्यक्षा श्रीमती ईशा शाह के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।
आयोजकों का मानना है कि बच्चों में छोटी उम्र से ही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है। जब विद्यार्थी अपने आसपास के पर्यावरण को समझेंगे और उसकी रक्षा में अपनी भूमिका पहचानेंगे, तभी स्वच्छ एवं हरित समाज की मजबूत नींव तैयार होगी।

आर्ट ऑफ लिविंग हैपीनियस वूमेंस कलेक्टिव नैनीताल
की इस पहल का संदेश स्पष्ट है—नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
प्रकृति बचेगी, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा।

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