6 November 2026

लद्दाख के पर्यावरणविद् वैज्ञानिक और आविष्कारक सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने नैनीताल स्थित गांधी चौक पर सभा कर कैंडल जलाकर किया प्रदर्शन

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लद्दाख के पर्यावरणविद् वैज्ञानिक और आविष्कारक सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने नैनीताल स्थित गांधी चौक पर सभा कर कैंडल जलाकर किया प्रदर्शन
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नैनीताल। लद्दाख के पर्यावरणविद् वैज्ञानिक और आविष्कारक सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेज दिए जाने के विरोध में नगर के विभिन्न राजनीतिक दलों, जन संगठनों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों तथा बुद्धिजीवियों ने विरोध कर गांधी चौक तल्लीताल में कैंडल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह ने देश के इतने बड़े पर्यावरण विद् वैज्ञानिक ने 2 साल पहले ठंड में अनशन किया था। और जो उनकी मांगे थी वह जायज थी। और सरकार ने भी जब धारा 370 हटाई थी उनसे वादा किया था लेकिन सरकार ने वादा पूरा नहीं किया तो उन्हें मजबूरन दोबारा आंदोलन करने के लिए उतरना पड़ा और लद्दाख से लेकर दिल्ली तक पैदल

लद्दाख के पर्यावरणविद् वैज्ञानिक और आविष्कारक सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने नैनीताल स्थित गांधी चौक पर सभा कर कैंडल जलाकर किया प्रदर्शन
लद्दाख के पर्यावरणविद् वैज्ञानिक और आविष्कारक सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने नैनीताल स्थित गांधी चौक पर सभा कर कैंडल जलाकर किया प्रदर्शन
लद्दाख के पर्यावरणविद् वैज्ञानिक और आविष्कारक सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने नैनीताल स्थित गांधी चौक पर सभा कर कैंडल जलाकर किया प्रदर्शन


मार्च किया। इस दौरान उन्हें दिल्ली आने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया, और न ही उन्हें प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से भेंट करने दी और जब वह दोबारा आवाज उठाई और
आंदोलन शुरू किया तो हिंसा करने के आरोप में उन्हें गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा इस तरह का व्यवहार देश के लोग बर्दाश्त नहीं करेगा।आंदोलन कर रहे लोगों ने तख्तियाँ और सोनम वांगचुक के चित्र और स्लोगन के साथ गांधी चौक पर कैंडल हाथों में लेकर नारेबाजी की। खष्टी बिष्ट ने सरकार को आडे हाथ लेते हुए पर्यावरण विद् वांगचुक की गिरफ्तारी पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि
जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वह पूरे हिमालय क्षेत्र और उत्तराखंड में भी प्राकृतिक संसाधनों की लूट, अनियंत्रित पर्यटन और खनन माफिया की घुसपैठ लद्दाख की ही तरह है। वांगचुंक उसी का विरोध कर रहे थे। इस दौरान सभी ने आवाज बुलंद करते हुए वांगचुक को तत्काल रिहा करने की मांग की है। कार्यक्रम के अंत में सभी आंदोलनकारी ने “रघुपति राघव राजा राम” पति को पवन सीता राम गाकर कैंडल जलाई और सभा का समापन किया गया। इस मौके पर पद्मश्री शेखर पाठक, राजीव लोचन शाह, यशपाल रावत, डॉ.हरीश भट्ट, डा. सी. एस. रौतेला, डॉ. गंगा सिंह बिष्ट, डॉ. शीला रजवार, दिनेश डंडरियाल, माया चिलवाल, एडवोकेट कैलाश तिवारी, दिनेश उपाध्याय, खष्टी बिष्ट, मनमोहन चिलवाल, लीला बोरा, हरीश पाठक, तरुण, रुपिन पाठक, संध्या शर्मा, पंकज भट्ट, भारती जोशी, प्रियंका, शिखा रावत, मोहनचंद कांडपाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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