युवाओं की पहल-“clean nainital” बना रहा है नैनीताल को स्वच्छ और जागरूक,स्कूटी में ले जाकर एकत्र कूड़े को डिस्पोज कर रहे हैं युवा

नैनीताल। क्लीन नैनीताल का केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि युवाओं द्वारा शुरू किया गया एक प्रेरणादायक जनआंदोलन बन चुका है। इस पहल की शुरुआत नैनीताल के युवा नेचर एक्टिविस्ट आशु निगम ने की है, इनका उद्देश्य केवल शहर की सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना है।




आशु निगम बताते हैं कि उन्होंने कई बार नैनीताल की झीलों, पहाड़ियों और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों द्वारा प्लास्टिक, शराब की बोतलें और अन्य कचरा फैलाते हुए देखा। प्रकृति को इस तरह नुकसान पहुंचता देख उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर छोटे स्तर पर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत में टीम रोजाना दो बोरे तक कचरा इकट्ठा करती थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में समस्या कहीं ज्यादा गंभीर है।

इसके बाद “clean nainital” अभियान से जुड़े युवाओं की टीम ने नैनीताल झील, अरविंद आश्रम, बैंबूज़ और अन्य पर्यटन स्थलों पर सफाई अभियान चलाया। टीम द्वारा चलाए गए अभियान में 15 से 17 बोरे कचरा एकत्र किया गया। कूड़े को एकत्र करने के बाद टीम के लोग स्कूटी से डिस्पोज करने ले जाते हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में फैला कचरा साफ करना आसान नहीं होता, क्योंकि कई जगहों पर जान का जोखिम भी बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद टीम लगातार बिना रुके काम कर रही है।
शुरुआत में यह पहल केवल दो लोगों तक सीमित थी, लेकिन आज इसमें 15 से 20 युवा सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इस अभियान की सफलता में कोर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसमें वर्तिका भट्ट ,जय श्रीवास्तव ,यश गर्ग और शिखा रावत सहित अन्य सदस्य लगातार लोगों को जागरूक करने और सफाई अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
यह टीम केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों और जंगलों में भी सफाई अभियान चला रही है। अभियान से जुड़े युवाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल नैनीताल को साफ करना नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलना है। वे चाहते हैं कि हर व्यक्ति अपने आसपास की सफाई की जिम्मेदारी खुद समझे और कचरे को डस्टबिन में डालने की आदत अपनाए।
टीम का मानना है कि स्वच्छता केवल शहर को सुंदर बनाने के लिए नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों को बचाने के लिए भी बेहद जरूरी है। प्लास्टिक और अन्य कचरा जंगलों और झीलों में रहने वाले जीवों के लिए खतरा बनता जा रहा है। इसी वजह से “@clean_nainital” लोगों को यह संदेश दे रहा है कि यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियां नैनीताल की असली सुंदरता देख पाएंगी।
संस्थापक आशु निगम ने युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे इस पहल से जुड़ें और अपने शहर, जंगलों, झीलों, वन्यजीवों और प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आएं। उनका कहना है कि यदि युवा एकजुट होकर जिम्मेदारी निभाएं, तो समाज और पर्यावरण दोनों में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
“@clean_nainital” आज एक ऐसी मिसाल बन चुका है, जो यह साबित करता है कि बदलाव की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है। अगर हर व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाए, तो केवल नैनीताल ही नहीं बल्कि पूरा देश स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बन सकता है।








