5 November 2026

इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक पर मरीज को नहीं देखने का लगा आरोप, समाज सेविका संध्या शर्मा ने दिखाई इंसानियत, मरीज को कराया भर्ती,

इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक पर मरीज को नहीं देखने का लगा आरोप, समाज सेविका संध्या शर्मा ने दिखाई इंसानियत, मरीज को कराया भर्ती,
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नैनीताल। पहाड़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल बी.डी. पाण्डे अस्पताल में चिकित्सक द्वारा एक बार फिर से मरीज के साथ लापरवाही करने का आरोप लग रहे हैं। जानकारी के अनुसार मरीज पिछले कई दिनों से लगातार उल्टी, लूज़ मोशन और चक्कर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था। परिजन उसे लगातार अस्पताल में दिखाते रहे—ओपीडी से लेकर देर रात इमरजेंसी तक लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि जब मरीज की हालत बेहद नाजुक हो गई और उसे दोबारा इमरजेंसी में लाया गया उस समय तैनात चिकित्सक ने मरीज को देखने से इनकार कर दिया।
परिजनों द्वारा तत्काल पीएमएस को फोन कर मामले की जानकारी दी गई। लेकिन आरोप है कि वहां से भी कोई ठोस मदद नहीं मिली। समय बीतता गया और इलाज के अभाव में मरीज की हालत इतनी बिगड़ गई कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा। अस्पताल की कथित लापरवाही से परिजनों में अफरा-तफरी और आक्रोश फैल गया।
इसी बीच समाज सेविका संध्या शर्मा मरीज और उसके परिवार के लिए उम्मीद बनकर सामने आईं। उन्होंने न केवल मरीज की बिगड़ती हालत को गंभीरता से लिया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर मरीज को दोबारा अस्पताल पहुंचाया और उपचार शुरू करवाने के लिए लगातार प्रयास किए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि संध्या शर्मा समय पर हस्तक्षेप न करतीं, तो मरीज के साथ कुछ भी हो सकता था।
दोपहर बाद इमरजेंसी में तैनात डॉ. सुनील कुमार ने मरीज की गंभीर स्थिति देखते ही तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता के चलते मरीज की हालत में सुधार आया। समाज सेविका संध्या शर्मा ने डॉ. सुनील कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि “आज भी सरकारी अस्पतालों में कुछ डॉक्टर ऐसे हैं जो अपने पेशे को सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि मानव सेवा मानते हैं। डॉ. सुनील कुमार ने संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।”
वहीं दूसरी ओर, मरीज को गंभीर हालत में देखने से इनकार करने और समय पर उपचार न देने के आरोपों को लेकर लोगों में भारी रोष है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल व्यवस्था जवाब देती नजर आई, तब समाज सेविका संध्या शर्मा ने आगे बढ़कर मानवता, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। आम जनता का कहना है कि ऐसे समय में समाज को संध्या शर्मा जैसे निडर और जागरूक लोगों की आवश्यकता है, जो जरूरतमंदों की आवाज बन सकें।

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