नैनीताल के इस बार के पर्यटन सीजन में रही खामियां, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तैयारी रही फेल, रात में शटल सेवा नहीं होने से पर्यटक वापस लौटे, बुकिंग के पांच कमरे रहे खाली

नैनीताल। नैनीताल का पर्यटन सीजन में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तैयारियां इस बार फेल साबित हुई है। पर्यटकों के साथ चाहे रुसी बाईपास हो चाहे नारायण नगर हो चाहे भवाली तिराहे पर आए दिन पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार करना आम हो गया है। जिससे पुलिस के वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब जमकर वायरल भी हुए हैं। वीडियो में परेशान हुए पर्यटक बस एक ही शब्द बोलता है नैनीताल कभी मत आना। इन सब से नैनीताल शहर का नाम और नैनीताल प्रशासन का नाम भी पूरी तरह से खराब हो रहा है।
शुक्रवार की बात है कि एक जू रोड के होटल में पांच रुमों की बुकिंग थी। दिल्ली से पर्यटक भी नारायण नगर तक टैंपू ट्रेवलर लेकर पहुँच गए । लेकिन रात 10 बजे के बाद भी पुलिस ने पर्यटकों के वाहन रोक दिया और नैनीताल में घुसने से मना कर दिया। अब पर्यटकों को ना तो कोई शटल सेवा उपलब्ध हुई ना ही पुलिस ने उन्हें सूखाताल तक उनका वाहन भेजा। काफी देर तक बहसबाजी चलती रही। अंत में पर्यटकों ने वापस दूसरे स्थान जाकर रात काटी। इधर होटल व्यवसाय के पांच कमरों का पीक सीजन में भारी नुकसान झेलना पड़ा। वहीं पर्यटकों ने नैनीताल शहर जाने से मुंह मोड़ लिया। सीजन की तैयारी का काम आफिस में बैठ कर नहीं बल्कि ग्राउंड लेवल में जाकर अधिकारियों को देखना चाहिए। ना की रुट डाई वर्जन कर पर्यटकों को परेशान किया जाना चाहिए।





