16 May 2026

आईएसजी नेशनल जियोमैटिक्स अवार्ड एप्लीकेशन-2024 से नवाजे गए वैज्ञानिक डा. चंद्र मोहन भट्ट,वर्तमान में इसरो देहरादून में वरिष्ठ वैज्ञानिक के पद पर हैं तैनात

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नैनीताल। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
तकनीकी विश्वविद्यालय लखनऊ में इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईएसआरएस) और इंडियन सोसाइटी ऑफ जियोमैटिक्स (आईएसजी) की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित आईएसजी नेशनल जियोमैटिक्स अवार्ड एप्लीकेशन, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) इसरो देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक व नैनीताल निवासी डा. चंद्र मोहन भट्ट को प्रदान किया गया।
बता दें कि बीते 12 व 13 दिसंबर को आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी और वार्षिक सम्मेलन का विषय रिमोट सेन्सिंग फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर रोडमैप टूवार्डस् विकसित भारत था।

संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव व बोर्ड – ऑफरेवन्यू के चेयरमैन अनिल कुमार व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विशेष सचिव एवं रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटरए उत्तर प्रदेश के निदेशक शीलधर सिंह यादव, आईएसआरस के अध्यक्ष डा. एस.पी. अग्रवाल, आईएसजी के अध्यक्ष डॉ.
प्रकाश चौहान व एकेटीयू के प्रो. बी.एन. मिश्रा और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक और अधिकारीगण उपस्थित थे। यह पुरस्कार आपदा प्रतिक्रिया, शमन और क्षमता निर्माण गतिविधियों के लिए अंतरिक्ष आधारित प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान को चिह्नित करने के लिए
प्रदान किया गया था।
बता दें कि वैज्ञानिक डा. चन्द्र मोहन भट्ट मूल रूप से नैनीताल के तल्लीताल स्थित कैलाश कॉटेज के निवासी हैं और स्वर्गीय एम.सी. भट्ट और श्रीमती हेमा भट्ट के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ कॉलेज जबकि उच्च शिक्षा भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय नैनीताल और कुविवि के डीएसबी परिसर नैनीताल से की। सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता के मुताबिक चंद्र मोहन भट्ट ने भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय से 1995 में इंटरमीडिएट गणित वर्ग से उत्तीर्ण किया। उनकी इस उपलब्धि के लिए विद्यालय के प्रबंधक एडवोकेट ज्योति प्रकाश,व प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता, कुविवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा तथा चंद्र मोहन भट्ट के शिक्षक केदार सिंह राठौर व पूर्व प्रधानाचार्य पूरन सिंह स्यूनरी, पूर्व रसायन विज्ञान प्रवक्ता खीमराज सिंह बिष्ट एवं विद्यालय के समस्त गुरुजनों ने उनको बधाई दी है।

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